Finance Archives - bittoos.com

Corporate Finance Kya Hota Hai

Corporate Finance Kya Hota Hai

Corporate Finance Kya Hota Hai – कॉरपोरेट फाइनेंस क्या होता है क्या आप जानते ही की Corporate Finance Kya Hota Hai शायद नहीं जानते होंगे । रुकिए चिंता मत कीजिए क्योंकि आज के लेख में हम लोग Corporate Finance Kya Hota Hai इसी के बारे में सीखने वाले हैं। लेकिन इससे पहले आपको फाइनेंस क्या होता है के बारे में जानना चाहिए क्योंकि Corporate Finance फाइनेंस की श्रेणी में आता है। यदि आप फाइनेंस को बहुत अच्छे से समझना सीखना चाहते हैं तो सबसे पहले आप Corporate Finance Kya Hota Hai के बारे में जानें। मैं आपको ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि फाइनेंस तीन प्रकार के होते हैं। Personal financeCorporate FinancePublic finance जिसमे हमने आपको personal finance के बारे में बता चुके हैं यदि आप personal finance के बारे में पहले से जानते हैं तो आज का ये लेख शुरू से लेकर अखरी तक पूरा पढ़े…. नमस्कार मित्रों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग bittoos.com पर । इस ब्लॉग में रोजाना घर बैठे पैसे कैसे कमाएं, फाइनेंस , आदि से संबंधित जानकारियां प्रतिदिन पोस्ट होती रहती है। यदि आप भी पैसे कमाने में रुचि रखते हैं या फिर फाइनेंस से संबंधित रुचि रखते हैं तो हमारे ब्लॉग को फॉलो कीजिए ताकि आपको हमारे द्वारा पोस्ट की गई लेटेस्ट जानकारी सबसे पहले मिले। यदि हम फाइनेंस का हिंदी मतलब ढूंढेंगे तो इसका सही मतलब वित्त या पूंजी होता है। यदि इसे और भी आसान भाषा समझे तो फाइनेंस का मतलब होता है ‘पैसे का मैनेजमेंट करना ‘ Rupay Card Kya Hota Hai? Visa Card Kya Hota Hai? Corporate Finance Kya Hota Hai in Hindi आज हम Corporate Finance Kya Hota Hai के बारे में जानेंगे लेकिन सबसे आसान भाषा में जानने की कोशिश करेंगे ताकि आपको भी समझने में परेशानी ना हो । तो देखिए Corporate Finance Kya Hota Hai यदि आसान शब्दों में कहें तो किसी कम्पनी के पैसों को मैनेजमेंट करने की एक्टिविटी को हम Corporate Finance कॉरपोरेट फाइनेंस कहते हैं। या फिर किसी बिजनेस के पैसों का  लेनदेन करना या मैनेजमेंट करने की एक्टिविटीज को ही हम Corporate Finance कहते हैं। कॉरपोरेट फाइनेंस में काफी कुछ आ सकता है जैसे की कंपनी के पैसों को कहां लगाना है ताकि उसका अच्छा रिटर्न्स समय के साथ कंपनी को मिल सके। कंपनी के पैसों कहां इन्वेस्ट करना है, कब इन्वेस्ट करना, किस जगह पर इन्वेस्ट करना है और कितना इन्वेस्ट करना है वगैरह – वगैरह। इसे आप कह सकते हैं की यह कॉरपोरेट फाइनेंस होता है। इसको अब हम एक अलग तरह से समझते हैं । कंपनी में जो फाइनेंस डिपार्टमेंट होता है, आखिर में वो होता क्या है, उनका काम क्या होता है? देखिए हर कंपनी को चलाने के लिए जितनी भी कंपनिया है उनमें बहुत सारे डिपार्टमेंट्स होते हैं। जैसे की कोई व्यक्ति जो बिल्कुल भी पढ़ा लिखा नही है तो ऐसे में कंपनी उसे सिक्योरिटी या फिर क्लीनिंग का काम देती है, यदि कोई अकाउंटिंग का काम जनता ही तो उसे फाइनेंस के डिपार्टमेंट में रखा जाता है, जिसे टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी है उसे टेक डिपार्टमेंट में रखा जाता है। इनमें हम बात कर रहे हैं की जो फाइनेंस डिपार्टमेंट में work करते हैं आखिर इन लोगों का क्या काम होता है? इस बात को समझ लेना मैं इसलिए महत्वपूर्ण समझता हूं। क्योंकि शायद इसे जानने के बाद आप कॉरपोरेट फाइनेंस के बारे में बखूबी अच्छे से जान जाओगे । कंपनी में जो फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करते हैं उनका काम ये रहता है की कंपनी के लिए शोर्स ऑफ इनकम कैसे पैदा करना है, फंड कहां से आयेगा, किन चीजों का इंतजाम करना है, कंपनी की जो पूंजी है, कंपनी की जो लागत है, कंपनी के जो पैसे है उनका मैनेजमेंट कैसे करना है, उसके बाद कब इन्वेस्ट करना है, कितने दिनों के लिए इन्वेस्ट करना है। ये सारे काम कंपनी के पैसों का मैनेजमेंट है। यह कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट में आता है और इन्ही सब को कॉरपोरेट फाइनेंस कहा जाता है। कंपनी में फाइनेंस डिपार्टमेंट उसमे एक मैनेजर भी होता है जोकि इन सबको मैनेज करता है साथ फाइनेंस डिपार्टमेंट के सारे डिसीजन लेना मैनेजर के हाथ पर ही होता है। पैसा कहां पर खर्च करना है , पैसों को कहां पर इन्वेस्ट करना है ताकि भविष्य में उसका अच्छा रिटर्न्स मिले जिससे की कंपनी को फायदा हो। Conclusion कॉरपोरेट फाइनेंस के अंतर्गत और भी बहुत सारी चीजें आती है जिसके बारे में हमने बात नही की है क्योंकि शायद आपको ठीक से समझ न आ पाएं या फिर आप बोर हो जाएं। मेरा मकसद सिर्फ आपको Corporate Finance Kya Hota Hai के बारे में समझना था । इसलिए मैने आपको इस लेख में सीधा और आसान भाषा में समझने की कोशिश की है। मुझे उम्मीद है की आपको आज का ये लेख पसंद आया होगा । ऐसे ही इंट्रेस्टिंग पोस्ट रोजाना पाने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें ताकि आपको लेटेस्ट पोस्ट सबसे पहले पढ़ने को मिले।

Personal Finance Kya Hai – अमीर बनने के लिए Personal Finance क्यों जरूरी है

Personal Finance kya hai

Personal Finance Kya hai इसके बारे में तो आज जानेंगे ही साथ ही हम लोग उन तीन चीजों के बारे में भी चर्चा करेंगे । जो हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और हमारे फैमिली के लिए महत्वपूर्ण है। हल्लो फ्रेंड्स स्वागत है आपका एक बार फिर आज के इस लेख में। यदि आप फाइनेंस संबंधित जानकारी या फिर पैसे कमाने में अपनी रुचि रखते हैं तो इस ब्लॉग को फॉलो जरूर करें। क्योंकि इस ब्लॉग में हम ऐसे ही दिलचस्प और फायदेमंद पोस्ट रोजाना लेकर आते रहते हैं। आज हम जिस टॉपिक की बात करने जा रहे हैं वो है Personal Finance. जिसमे ह कोरोना महामारी के दौरान आपने देखा होगा काफी सारे लोगों ने अपनी नौकरी गंवा बैठे थे साथ काफी सारे लोग ऐसे भी थे जिनकी saving जीरो हो गई थी यानी saving लगभग खतम हो गई थी। वहीं कुछ फैमिली ऐसी भी थी जिनके पास saving थी। तो आपको इसमें diffrent क्या देखने को मिल रहा है? मैं आपको बताता हूं की इन दोनो में डिफरेंट क्या था। इन दोनो में जो सबसे बड़ा डिफरेंट है वो है Personal Finance । तो इस लेख में जानते ही की आखिर Personal Finance Kya hai अगर हम जिसकी साधारण परिभाषा को देखें तो  Personal Finance is nothing but managing your money यानी आप कैसे अपने पैसे को मैनेज करते हो और कैसे आप अपने फाइनेंशियल डिसीजन को लेते हो। कैसे आप बजटिंग करते हैं, कैसे इन्वेस्टिंग करते हैं, कैसे सेविंग करते हैं इत्यादि। कहने का मतलब यह ही की आप अपने फैमिली को फाइनेंशियल टेक से किस तरह से मैनेज करते हैं। चलिए एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं? मान लीजिए आपकी monthly income:  ₹ 50,000  है और आपका खर्चा  ₹30,000 है। तो अब आपके पास ₹ 20,000 रुपए बचते हैं। यानी आपकी सेविंग जो है 20,000 रुपए ही तो आप इसे किस तरह सेविंग करना चाहेंगे। इन पैसों को फाइनेंशियल देखा जाए तो आप इन्हे कहां saving करेंगे, किन किन जगह पर invest करेंगे। जिससे की भविष्य में आपको उन पैसों और भी अधिक रिटर्न्स मिल सके।  इसी नॉलेज को हम Personal Finance कहते हैं। जहां पर हम सही डिसीजन ले सकें । यानी आपका जो पैसा जिसे आप खर्च करने वाले हैं वो आपका खुद का डिसीजन है की आप उसे कहां खर्च कर रहे हैं जिससे की आपको आगे चलकर उसे फायदा मिल सके। तो आप जो खुद का फाइनेंशियल डिसीजन लेते हैं उसे Personal Finance कहते हैं। Personal Finance में ये भी होता है की अपने पैसे को ऑप्टिमाइज कर सकते यानी कैसे अपने एक्सपेंसिस का फायदा उठा सके, कैसे उसे यूजफुल बना सकते है। Personal Finance ये भी होता है जहां पर आप अपना एनेक्सपेक्टिड और unnassesry expenses को हैंडल करते हैं। जहां मैं एनेक्सपेक्टिड बोल रहन हूं इसका मतलब यह है की मन लीजिए आपके घर पर कोई इमरजेंसी आ गई हो जैसे कोई मेडिकल संबंधित। यानी कोई बीमार हो गया हो जिससे आपको पैसों की जरूरत है। या फिर कहीं टूर पर जाना हो जिसका पहले से कोई प्लान नहीं था या फिर घर पर रेनोवेशन का काम करना हो।  इस स्थिति में आप अपने पैसों का मैनेजमेंट किस तरह से करते हैं यह unnassesry expenses की श्रेणी में आता है जिसे Personal Finance कहा जाता है। Personal Finance को समझने के लिए आप इन 5 बिंदुओं को भी समझ सकते हैं जिससे की आपको Personal Finance की और अधिक समझ होगी। Income: इनकम यानी आपके पास रेगुअर आने वाले इनकम चाहे वो आपको कहीं से भी मिल रही हो। वो आपकी सैलरी हो सकती है , या फिर आपको रेंट मिल रहा हो या फिर किसी और जगह से आपको इनकम हो रही है। Spending: इसका मतलब है की आप कहां कहां पर अपने पैसों को खर्च कर रहे हैं। जोकि आप बिजली बिल दे रहे हो, घर का रेंट दे रहे हों, ईएमआई है इस पर भरना है, आपको बाहर खाना खाने जाना है या फिर आप सिनेमा देखने जा रहे हैं। Saving: इसका मतलब यह की आप महीने में कितने पैसे को save कर रहे हो।    यानी आपकी इनकम से खर्च करने के बात जो money आप saving कर रहे हो । यह सेविंग भी Personal Finance के अंतर्गत ही आती है। Investment: अपनी सेविंग मनी को आप कहां इन्वेस्ट कर रहे हैं जिससे की भविष्य में आपको इससे अधिक रिटर्न्स मिल सके। जिनमे आपका mutual fund  हो सकता है, stock, बोल्ड हो सकता है आपको बहुत सारे ऑप्शन है इन्वेस्ट करने के लिए। जहां से आप अपने रिटर्न्स को डबल कर सकते हैं। Protection: किसी भी इमरजेंसी स्थिति में आप किस तरह से अपने पैसों का स्तेमाल करते हैं। जैसे कोई मेडिकल इमरजेंसी, किसी का एसीडेंट हो गया हो, फैमिली में किसी को अर्जेंट पैसों की जरूरत है। इसके लिए आप पहले से ही प्रोटेक्टिव है सावधान है यह भी Personal Finance की श्रेणी में ही आता है। Video देखकर Hippi App से पैसे कैसे कमाएं? Personal Finance Kya hai – Personal Finance क्यों जरूरी है? Personal Finance की जानकारी होना बहुत ही जरूरी है सभी के लिए ताकि इनफ्यूचर फाइनेंशियल डिसीजन लेने में कोई परेशानी का सामना करना न पड़े। क्योंकि यदि हम पहले से ही फाइनेंशियल प्रोटेक्ट रहेंगे यानी पहले से ही money का मैनेजमेंट करके रखते हैं तो इनफ्यूच कभी भी हमे फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स का सामना नहीं करना पड़ेगा। Personal Finance इसलिए भी बहुत जरूरी है की इनफ्यूचर आप अपने ड्रीम्स को फाइनेंशियल डिसीजन के चलते पूरा नहीं कर पाएं। इसलिए आप पहले से ही फाइनेंशियल सिक्योर और प्रोटेक्ट हों अपने ड्रीम्स को पूरा करने के लिए। फाइनेंशियल प्लान कैसे करें – Personal Finance Kya hai in Hindi यदि आपने अभी तक अपना फाइनेंशियल प्लान सेट नहीं किया है तो आज ही अपना फाइनेंशियल प्लान करें। ताकि आपको अपने पैसों का सारा लेखा जोखा, पता रहे। जिसमे आपके कितने पैसे खर्च हो रहे हैं, कितने आप इन्वेस्ट कर रहे हैं, कितने पीसो को आप सेव करके रख रहे हैं और कितने पैसों को आप इमरजेंसी में उपयोग कर सकते हैं। इन सबका एक बजट तैयार कीजिए जिसके की आपको भविष्य में … Read more

Finance Kya Hai – फाइनेंस क्या है और फाइनेंस वर्क क्या होता है

finance kya hai

Finance क्या है – Finance Kya Hai क्या आप finance के बारे में जानना चाहते हैं की finance Kya hai या फिर आप फाइनेंस में अपना करियर बनाना चाहते हो तो इस लेख के अंत तक बने रहिए। यदि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए मददगार होती है तो हमारे ब्लॉग को फॉलो जरूर करें। क्योंकि ऐसे ही दिलचस्प और फायदेमंद जानकारियां हम रोजाना लेकर आते रहते हैं। मैं हूं आपका मित्र संदीप भोरसे और आज के इस लेख में हम finance Kya Hai और फाइनेंस में क्या क्या होता है , फाइनेंस वर्क क्या होता है के बारे में चर्चा करेंगे। यदि हम फाइनेंस के बारे में जानना चाहें तो फाइनेंस एक फ्रेंच शब्द है जिसका हिंदी में मतलब होता है ‘वित्त’। जी हां आपने वित्त के बारे में जरूर सुना होगा। किसी भी व्यक्ति, बिजनेस, कंपनी, या सरकार को वित्त यानी पैसों की जरूरत होती है। पैसों के मैनेजमेंट के जरिए ही किसी बिजनेस, कंपनी या सरकार को चलाया जाता है। पैसों के इस मैनेजमेंट को ही फाइनेंस कहा जाता है। यदि हम आम बोलचाल भाषा में कहें तो पैसों को मैनेजमेंट करने के तरीकों को फाइनेंस कहते फाइनेंस के कितने प्रकार है अब हम जानेंगे फाइनेंस कितने प्रकार के होते है तो आपको बता दें कि Finance basicly तीन प्रकार के होते हैं Personal Finance: जब कोई व्यक्ति अपने खुद के पैसों का मैनेजमेंट करता है तो उसे Personal Finance कहा जाता है। क्योंकि वह अपने खुद के पैसे को मैनेज कर रहा है। Corporate finance: अगर कोई व्यक्ति किसी कंपनी या फिर किसी बिजनेस के पैसों का लेनदेन करता है या फिर उनके पैसों का मैनेजमेंट करता है तो ऐसे में उसे Corporate finance कहा जाता है। क्योंकि वह अपने कंपनी के पैसों का मैनेजमेंट कर रहा है। Public finance: यदि कोई पब्लिक लिमिटेड कंपनी या  सरकार अपना पैसा मैनेज करती है। या फिर इसी से पैसों का मैनेजमेंट करवाती है तो उसे Public Finance कहते हैं। होता है? FD Account खुलवाने के क्या फायदे हैं? Rupay Card क्या होता है? मास्टरकार्ड क्या होता है? वनकार्ड क्या होता है ? फाइनेंस कंपनी का क्या काम होता है? फाइनेंस कंपनियों का काम पैसों को सही ढंग से मैनेजमेंट करना होता है। फाइनेंस कंपनी अपने पैसों को सही जगह पर पहले इन्वेस्ट करती है और फिर बाद में वहां से अच्छे खासे रिटर्न्स लेती है। जिससे कम्पनी को अच्छा मुनाफा होता है। इसके अलावा कंपनी टैक्स को भी कम से कम खर्च करने की कोशिश करती है। जिससे उसे टैक्स का पैसा भी बचे । फाइनेंस वर्क क्या होता है। फाइनेंस में पैसों से संबंधित किसी भी प्रकार का काम करना, नोकरी करना या फिर कोई बिजनेस करने को फाइनेंस वर्क कहते हैं। Conclusion साथियों आज के इस लेख में आपने Finance Kya Hai  , फाइनेंस कितने प्रकार के होते हैं और फाइनेंस वर्क क्या होता है के बारे में जाना है। मुझे उम्मीद है की आपको आज का ये लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही इंट्रेस्टिंग और फायदेमंद पोस्ट रोजाना पाने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें। इसी के साथ इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ what’s app, Facebook में शेयर जरूर करें।