3rd Candle: Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi
नमस्कार साथियों स्वागत है आपका हमारी नई पोस्ट में जिसमें हम चर्चा करेंगे Morning Star Candlestick Kya Hai के बारे में। पिछले आर्टिकल में हमने inverted hammer क्या है? के बारे में बात की थी।
यदि आपको इनवर्टेड हैमर के बारे में जानकारी नहीं है तो उस आर्टिकल को जरूर पढ़ लें। जिससे आपको सभी कैंडलेस्टिक की जानकारी अच्छे से मिल सके । जैसा कि आज के इस लेख में हम Morning Star Candlestick Kya Hai के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं।
Morning Star Candlestick Kya Hai in hindi
Morning star candle केंडलस्टिक पैटर्न का ही एक छोटा सा हिस्सा है। यह एक जापानीस नाम है क्योंकि इस कैंडल का नाम जापान के लोगों ने सुबह के तारे के नाम पर रखा है। ऐसा तारा जो सुबह होते होते दिखाई देता है। यानी कि जब सूर्य उदय होने वाला होता है तो तारामंडल के आखिरी तारे को सुबह का तारा के नाम से जानते हैं। जापान के लोगों ने इसी तारे का नाम दिया है इस कैंडलस्टिक को।
Morning star candle एक बुलिश कैंडलेस्टिक पैटर्न होता है या फिर आप इसे ये भी का सकते हैं कि यह तेजी को दर्शाने वाला बुलिश कैंडल है। आप इसे यूं भी कह सकते हैं कि मार्केट की मंदी समाप्त हो गई है और अब मार्केट में तेजी आने वाली है।
Morning Star Candlestick तीन कैंडल्स के मिलकर बना होता है जिसमें
1. Bearish Candle
2. Star Candle
3. Bullish Candle
पहली कैंडल: Bearish Candle होती है, जिसका रंग लाल होता है और यह कैंडल मार्केट की मंदी को दर्शाता है।
दूसरी कैंडल: काफी छोटी होती है जिसकी ऊपर और नीचे की shadow (डंडी) बराबर बराबर होती है। इस कैंडल के रंग का कोई महत्व नहीं होता है। इस कैंडल को Star(स्टार) कहा जाता है।
तीसरी कैंडल: एक Bullish Candle होती है यह कैंडल मार्केट में तेजी को दर्शाती है। इस कैंडल का रंग हरा होता है।
Morning Star Candlestick Kaise Banti Hai?
चलिए अब जानते हैं कि एक Morning star Candlestick Kaise Banti Hai? के बारे में। जब भी morning star candlestick बनती है तो इसके लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिससे आप मॉर्निंग स्टार कैंडल को परफेक्ट तरीके से पहचान सके।
पहली कैंडल: morning star की पहली कैंडल बेयरिश कैंडल होनी चाहिए। जिसका रंग लाल होता है या फिर आप यूं भी कह सकते हैं कि मॉर्निंग स्टार की पहली कैंडल तेजी की कैंडल होनी चाहिए और लंबी होनी चाहिए।
दूसरी कैंडल: मॉर्निंग स्टार की दूसरी कैंडल पहली कैंडल के ठीक नीचे या Close Price के नीचे बननी चाहिए। या फिर यूं कहें कि Gape Down Open होना चाहिए। मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक पैटर्न में यह बहुत ही जरूरी होता है।
इसके बाद जब यह कैंडल बंद हो तो उस समय वह पहली कैंडल के क्लोज प्राइस के नीचे ही बंद होना चाहिए। यह कैंडल तेजी की हो अथवा मंदी की इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
सीधे शब्दों में कहें तो यह कैंडल पहली कैंडल के नीचे ही बंद होना चाहिए।
तीसरी कैंडल: यह कैंडल बुलिश कैंडल होती है जोकि मार्केट में तेजी को दर्शाती है। यह कैंडल दूसरी कैंडल के ऊपर या यूं कहें कि gape up open होनी चाहिए। यानी कैंडल अच्छी तेजी के साथ खुलना चाहिए।
इसके बाद जब यह कैंडल close हो तो उस समय पहली कैंडल के मध्य भाग या open price के ऊपर या नीचे बंद होना चाहिए। तीसरी कैंडल कभी भी पहली कैंडल का हाई नहीं तोड़ना चाहिए या पहली कैंडल से ऊपर भी जानी चाहिए।
मॉर्निंग स्टार वॉल्यूम चेक कैसे करें?
Morning star candle में वॉल्यूम का भी अधिक महत्व होता है। मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक में पहली कैंडल का वॉल्यूम दूसरी कैंडल के वॉल्यूम से कम अथवा पहली कैंडल से दूसरी कैंडल का वॉल्यूम ज्यादा होना चाहिए। साथ ही तीसरी कैंडल का वॉल्यूम दूसरी कैंडल के वॉल्यूम से अधिक होना चाहिए।
यदि हम इसे आसान भाषा में कहें तो इन तीनों कैंडल्स का वॉल्यूम बढ़ते क्रम में होना चाहिए।
शीर्षक
दोस्तों यहां तक आप मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक कैसे काम करता है के बारे में सीख चुके हैं। आज के इस लेख में हमने Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi और Morning Star Candlestick Kaise Banti Hai? के बारे में चर्चा की है।
उम्मीद करता हूं कि आपको आज के इस लेख “3rd Candle: Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi ” से कुछ सीखने को मिला होगा। ऐसे ही इंट्रेस्टिंग जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो और शेयर कीजिए। मिलते हैं अगले पोस्ट में एक नए कैंडल की जानकारी के साथ।
Thank You….


