Evening Star Candlestick Kya Hai

4th Candle: Evening Star Candlestick Kya Hai In Hindi

4th Candle: Evening Star Candlestick Kya Hai In Hindi 

क्या आप जानते हैं कि Evening Star Candlestick Kya Hai in Hindi और यह कैंडल मार्केट में कैसे काम करता है? यदि नहीं जानते हैं तो आज का ये लेख “Evening Star Candlestick Kya Hai in hindi आपके लिए ही है। पिछले आर्टिकल में हमने morning star candlestick क्या है? के बारे में चर्चा की थी यदि आपने वो आर्टिकल नहीं पढ़ा है तो उसे भी जरूर पढ़ लें। आज आप Evening Star Candlestick kya hai in Hindi के बारे में विस्तार से जानेंगे। 

Evening Star Candlestick Kya Hai in Hindi – इवनिंग स्टार कैंडलस्टीक क्या है? 

Evening star candlestick पैटर्न का ही एक छोटा सा हिस्सा है। जिसका नाम जापान के लोगों ने “शाम का तारा” के नाम पर रखा गया है। शाम का वो तारा जो शाम होने पर सबसे पहले दिखाई देता है उसे शाम का तारा कहा जाता हे। 

Evening Star Bearish Candlestick pattern है इसे आप ये भी कह सकते हैं कि यह मार्केट में मंदी को दर्शाने वाला कैंडलस्टिक पैटर्न है। इसका मतलब होता हे की मार्केट में तेजी खत्म हो गई हे और अब मंडी की शुरुआत होने वाली है। 

Evening star तीन कैंडल्स से मिलकर बनता हे जिसमें – 

पहली कैंडल: यह कैंडल हरे रंग में दिखाई देती हे जोकि बुलिश कैंडल होती है। यह कैंडल लंबी होती है जो तेजी को दिखाती है। 

दूसरी कैंडल: यह कैंडल साइज में छोटी होती है लेकिन इसकी ऊपर और नीचे की डंडी (shadow) बराबर या छोटी बड़ी हो सकती है। इस कैंडल में रंग को कोई भी महत्व नहीं रहता है यानी रंग कोई भी हो सकता है। “Evening star candlestick pattern में इसी कैंडल को तारा (Star) कहा जाता है।”

तीसरी कैंडल: यह कैंडल लाल रंग में दिखाई देती हे जोकि बेयरिश कैंडल होती है यह कैंडल मार्केट में मंदी को दर्शाती है। चलिए अब बात करते हे कि Evening star candlestick pattern कैसे बनता है और इस कैंडल को बनने में किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 

Evening star candlestick pattern कैसे बनता है?

Evening star candlestick pattern की पहली कैंडल हरे रंग की बुलिश कैंडल होना चाहिए। या यूं कहें कि यह तेजी की कैंडल होनी चाहिए। 

इसके बाद जब दूसरी कैंडल बने तो वह पहली कैंडल के close price ऊपर बनना चाहिए यानि gape up open होना चाहिए। इस पैटर्न में ऐसा होना बहुत ही जरूरी होता है। 

इसके बाद जब यह कैंडल close हो तो उस समय वह पहली कैंडल के close price के ऊपर बंद होना चाहिए। यह कैंडल तेजी की हो या फिर मंदी की इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

सीधे शब्दों में कहें तो यह कैंडल पहली कैंडल के ऊपर ही बंद होना चाहिए। 

इसके बाद जो तीसरी कैंडल बनती है तो वह bearish candle होनी चाहिए जो कि लाल रंग की मंदी की होती है। यह कैंडल दूसरी कैंडल के नीचे यानी gape down open होनी चाहिए। यानी अच्छी मंदी की होनी चाहिए। 

इसके बाद जब यह कैंडल close हो तो उस समय यह कैंडल पहली कैंडल के मध्य भाग के पास या पहली कैंडल के open price के ऊपर या नीचे बंद होना चाहिए। यह कैंडल किसी भी स्थिति में पहली कैंडल का low नहीं तोड़ना चाहिए। 

Evening star candlestick pattern का वॉल्यूम 

Evening star candlestick pattern में वॉल्यूम का भी काफी महत्व रहता है इसलिए इसके वॉल्यूम के बारे में भी जान लेना जरूरी होता है। 

Evening star candlestick pattern में पहली कैंडल का जितना वॉल्यूम होता है उससे अधिक दूसरी कैंडल का वॉल्यूम होना चाहिए और इन दोनों से अधिक तीसरी कैंडल का वॉल्यूम होना चाहिए। आसान भाषा में कहें तो तीनों कैंडल्स का वॉल्यूम बढ़ते क्रम में होना चाहिए। यह परफेक्ट evening star होने के लिए महत्वपूर्ण है।

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यहां तक आप Evening Star Candlestick Kya Hai के बारे में अच्छे से समझ गए होंगे। Candlestick Pattern को समझना बहुत ही आसान है यदि आप थोड़ा समय दें तो। हमारी कोशिश यही रहती है कि हम आपको इस वेबसाइट के माध्यम से आसान से आसान शब्दों में समझाने की कोशिश करें ताकि आपको candlestick pattern समझने में आसानी हो।

आज के इस लेख में हमने आपको Evening Star Candlestick Kya Hai In Hindi के बारे में जानकारी दी । उम्मीद हे कि आपको आज कुछ नया सीखने को मिला होगा । ऐसे ही इंट्रेस्टिंग पोस्ट सबसे पहले पाने के लिए और कैंडलेस्टिक सीखने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो और शेयर कीजिए। मिलते हैं अगले पोस्ट पर एक नए कैंडलस्टिक के साथ। 

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Morning Star Candlestick Kya Hai

3rd Candle: Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi

3rd Candle: Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi 

नमस्कार साथियों स्वागत है आपका हमारी नई पोस्ट में जिसमें हम चर्चा करेंगे Morning Star Candlestick Kya Hai के बारे में। पिछले आर्टिकल में हमने inverted hammer क्या है? के बारे में बात की थी। 

यदि आपको इनवर्टेड हैमर के बारे में जानकारी नहीं है तो उस आर्टिकल को जरूर पढ़ लें। जिससे आपको सभी कैंडलेस्टिक की जानकारी अच्छे से मिल सके । जैसा कि आज के इस लेख में हम Morning Star Candlestick Kya Hai के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं। 

Morning Star Candlestick Kya Hai in hindi 

Morning star candle केंडलस्टिक पैटर्न का ही एक छोटा सा हिस्सा है। यह एक जापानीस नाम है क्योंकि इस कैंडल का नाम जापान के लोगों ने सुबह के तारे के नाम पर रखा है। ऐसा तारा जो सुबह होते होते दिखाई देता है। यानी कि जब सूर्य उदय होने वाला होता है तो तारामंडल के आखिरी तारे को सुबह का तारा के नाम से जानते हैं। जापान के लोगों ने इसी तारे का नाम दिया है इस कैंडलस्टिक को। 

Morning star candle एक बुलिश कैंडलेस्टिक पैटर्न होता है या फिर आप इसे ये भी का सकते हैं कि यह तेजी को दर्शाने वाला बुलिश कैंडल है। आप इसे यूं भी कह सकते हैं कि मार्केट की मंदी समाप्त हो गई है और अब मार्केट में तेजी आने वाली है। 

Morning Star Candlestick तीन कैंडल्स के मिलकर बना होता है जिसमें 

1. Bearish Candle 

2. Star Candle 

3. Bullish Candle 

पहली कैंडल: Bearish Candle  होती है, जिसका रंग लाल होता है और यह कैंडल मार्केट की मंदी को दर्शाता है। 

दूसरी कैंडल: काफी छोटी होती है जिसकी ऊपर और नीचे की shadow (डंडी) बराबर बराबर होती है। इस कैंडल के रंग का कोई महत्व नहीं होता है। इस कैंडल को Star(स्टार) कहा जाता है। 

तीसरी कैंडल: एक Bullish Candle होती है यह कैंडल मार्केट में तेजी को दर्शाती है। इस कैंडल का रंग हरा होता है। 

Morning Star Candlestick Kaise Banti Hai?

चलिए अब जानते हैं कि एक Morning star Candlestick Kaise Banti Hai? के बारे में। जब भी morning star candlestick बनती है तो इसके लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिससे आप मॉर्निंग स्टार कैंडल को परफेक्ट तरीके से पहचान सके।

पहली कैंडल: morning star की पहली कैंडल बेयरिश कैंडल होनी चाहिए। जिसका रंग लाल होता है या फिर आप यूं भी कह सकते हैं कि मॉर्निंग स्टार की पहली कैंडल तेजी की कैंडल होनी चाहिए और लंबी होनी चाहिए। 

दूसरी कैंडल: मॉर्निंग स्टार की दूसरी कैंडल पहली कैंडल के ठीक नीचे या Close Price के नीचे बननी चाहिए। या फिर यूं कहें कि Gape Down Open होना चाहिए। मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक पैटर्न में यह बहुत ही जरूरी होता है। 

इसके बाद जब यह कैंडल बंद हो तो उस समय वह पहली कैंडल के क्लोज प्राइस के नीचे ही बंद होना चाहिए। यह कैंडल तेजी की हो अथवा मंदी की इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

सीधे शब्दों में कहें तो यह कैंडल पहली कैंडल के नीचे ही बंद होना चाहिए। 

तीसरी कैंडल: यह कैंडल बुलिश कैंडल होती है जोकि मार्केट में तेजी  को दर्शाती है। यह कैंडल दूसरी कैंडल के ऊपर या यूं कहें कि gape up open होनी चाहिए। यानी कैंडल अच्छी तेजी के साथ खुलना चाहिए।

इसके बाद जब यह कैंडल close हो तो उस समय पहली कैंडल के मध्य भाग या open price के ऊपर या नीचे बंद होना चाहिए। तीसरी कैंडल कभी भी पहली कैंडल का हाई नहीं तोड़ना चाहिए या पहली कैंडल से ऊपर भी जानी चाहिए। 

मॉर्निंग स्टार वॉल्यूम चेक कैसे करें? 

Morning star candle में वॉल्यूम का भी अधिक महत्व होता है। मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक में पहली कैंडल का वॉल्यूम दूसरी कैंडल के वॉल्यूम से कम अथवा पहली कैंडल से दूसरी कैंडल का वॉल्यूम ज्यादा होना चाहिए। साथ ही तीसरी कैंडल का वॉल्यूम दूसरी कैंडल के वॉल्यूम से अधिक होना चाहिए। 

यदि हम इसे आसान भाषा में कहें तो इन तीनों कैंडल्स का वॉल्यूम बढ़ते क्रम में होना चाहिए। 

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दोस्तों यहां तक आप मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टीक कैसे काम करता है के बारे में सीख चुके हैं। आज के इस लेख में हमने Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi और Morning Star Candlestick Kaise Banti Hai? के बारे में चर्चा की है। 

उम्मीद करता हूं कि आपको आज के इस लेख “3rd Candle: Morning Star Candlestick Kya Hai In Hindi ” से कुछ सीखने को मिला होगा। ऐसे ही इंट्रेस्टिंग जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो और शेयर कीजिए। मिलते हैं अगले पोस्ट में एक नए कैंडल की जानकारी के साथ। 

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Inverted Hammer Candle Kya Hai

2nd Pattern: Inverted Hammer Candle Kya Hai In Hindi

2nd Pattern: Inverted Hammer Candle Kya Hai In Hindi

Inverted Hammer Candle Kya Hai: आज के इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं Inverted Hammer Candle Kya Hai या Inverted Hammer Candlestick Pattern Kya Hai के बारे में। पिछले आर्टिकल में हमने Hammer Candle क्या है?  के बारे में बताया था यदि आपने वो artical नहीं पढ़ा है तो आप वो artical भी पढ़ सकते हैं। 

आज हम Inverted Hammer Candle Kya Hai को 3 पॉइंट्स में समझने की कोशिश करेंगे। इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपको Inverted Hammer Candle kya hai के सारे douts clear हो जाएंगे। इतना ही नहीं आप लाइव चार्ट में भी Inverted Hammer Candle को पहचानने में भूल नहीं करोगे। हमारा पहला प्वाइंट है Inverted Hammer Candlestick Pattern Kya Hai?

1. Inverted Hammer Candle Kya Hai और यह कैसे दिखता है?

Inverted Hammer Candlestick Pattern एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न है।Inverted hammer कैंडलेस्टिक यह बताता है कि sellers अब exit करने वाले हैं और Buyers Entry लेने वाले हैं जिसकी वजह से मार्केट की ऊपर जाने की संभावना है। 

इस पैटर्न में एक सिंगल बुलिश कैंडल होता है जोकि लाल कलर का हो सकता है या हरा कलर का भी हो सकता है लेकिन इसमें कलर महत्व नहीं रखता है। 

उदाहरण: यदि आपको कैंडलिस्टिक चार्ट में आपको कुछ ऐसा कैंडलिस्टिक बनता हुआ दिखाई दे जिसमें कैंडल की ऊपर की डंडी (shadow) कैंडल से दुगनी बड़ी हो तो इस कैंडल को हम Inverted Hammer Candle कहते हैं। 

Inverted Hammer Candle आपको चार्ट पैटर्न में 4 तरह के देखने को मिल सकते हैं। जैसा कि हमने  नीचे फोटो में दिखाए हैं। लेकिन इन चारों कैंडल्स का एक ही काम है। 

2. Inverted Hammer Candlestick Pattern कब और कहां बनता है? 

अब सवाल आता हे कि आप Inverted Hammer Candlestick Pattern कब और कहां बनता है और बनता है तो बुलिश कैंडल को कैसे पहचाना जाए तो आपको बता दें कि जैसा कि आपको ऊपर बताया गया था कि  यह पैटर्न एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न है जोकि डाउनट्रेंड के बाद बॉटम में बनता है। 

लेकिन यह कैंडल अपट्रेंड के टॉप पर बनता है तो यह Inverted Hammer Candlestick Pattern का काम नहीं करता है बल्कि shooting star Candlestick Pattern का काम करता है। अब आपको bullish Inverted Hammer Candlestick Pattern को पहचानने के लिए इन 2 बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

पहला: यह बुलिश इनवर्टेड हैमर का काम तभी करता है जब मार्केट डाउनट्रेंड में चल रहा होता है और यह कैंडल डाउनट्रेंड के बॉटम में बने। 

दूसरा: डाउनट्रेंड में कम से कम 7 लाल कैंडल बनना चाहिए तब ही यह कैंडल ठीक तरह से काम करता है। जितना अच्छा डाउनट्रेंड में इनवर्टेड हैमर लैंडलस्टिक बनता है उतना ही अच्छा यह बुलिश रिवर्सल देता है ।

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3 . Inverted Hammer Candlestick Pattern पर ट्रेड कैसे लें? 

यदि आपको Inverted Hammer Candlestick Pattern पर ट्रेड लेना है तो आपको इसके लिए पहले कंफर्मेशन कैंडलस्टिक का इंतजार करना चाहिए। यदि आप कंफर्मेशन कैंडलस्टिक के बारे में नहीं जानते हैं तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि “Inverted Hammer Candlestick के high को ब्रेक करने वाले कैंडल को कंफर्मेशन कैंडलस्टिक कहते हैं।” जिसके बाद हमको एंट्री लेना चाहिए। 

Inverted Hammer Candlestick का low हमारा stop loss होता है और अगला हमारा resistance level होगा। जैसा कि अभी अभी हमने बात की थी कि डाउनट्रेंड में जितना अच्छा इनवर्टेड हैमर कैंडल बनता है उतना ही अच्छा हमको बुलिश रिवर्सल देखने को मिलता है।

इसलिए आपको डाउनट्रेंड के अंतर्गत ही next target को select करना चाहिए। 

Conclution 

ट्रेडिंग करने के लिए ट्रेडर्स को ट्रेडिंग की अच्छी जानकारी होना बहुत ही जरूरी होता है। लेकिन अच्छा ट्रेडर बनने के लिए आपको चार्ट के हर कैंडल की समझ होनी चाहिए। जोकि सीखने से ही मिल सकती है । आज के इस लेख में हमने ” Inverted Hammer Candle Kya Hai” के बारे में चर्चा की है। 

आशा करता हूं कि आपको कैंडलेस्टिक का दूसरा पार्ट “2nd Pattern: Inverted Hammer Candle Kya Hai In Hindi ” पसंद आया होगा और  इससे कुछ सीखने को मिला होगा। ऐसे ही इंट्रेस्टिंग जानकारी सबसे पहले पाने के लिए ब्लॉग को फॉलो कीजिए। इसके अलावा आप हमें Youtube Channel 👉 Bittoos Finance पर भी मिल सकते हैं ।

हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है

1st हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है हिंदी में आसान भाषा

1st हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है हिंदी में आसान भाषा

आज के इस वीडियो में हम “हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है” के बारे में चर्चा करने वाले हैं। जिसे प्राइस एक्शन ट्रेडिंग में बहुत ही महत्वपूर्ण रिवर्सल कैंडलिस्टिक पैटर्न माना जाता है।  ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर्स के लिए बहुत जरूरी होता है इस कैंडल के बारे में जानना । क्योंकि ट्रेडिंग में इस कैंडल का काफी महत्व माना जाता है। 

यह कैंडल आम तौर पर तब बनता है जब मार्केट का ट्रेंड डाउन हो जाता है यानि डाउनट्रेंड के बाद बनता है और इस कैंडल के बनने के बाद मार्केट के अचानक uptrand होने की संभावना होती है। आप इसे ऐसा समझ सकते हैं “जब मार्केट गिर रहा हो और इसके बाद हैमर कैंडल बनता है तो मार्केट के ऊपर जाने की  संभावना होती है।” 

हैमर कैंडल की पहचान कैसे करें?

जब भी हैमर कैंडल बनता है तो इसका आकर एक हथौड़े की तरह बन जाता है इसीलिए इसे हैमर यानी हथौड़ा कैंडल भी कहा जाता है। 

इस कैंडल में कैंडल की बॉडी छोटी और ऊपर हो जाती है। साथ ही इसकी विक यानी डंडी बॉडी से नीचे की तरफ लंबी होती है। इस डंडी का आकार बॉडी से लगभग दुगना होता है। यह डंडी बॉडी के ऊपर थोड़ी सी निकली होती है या नहीं होती है। 

एक बार फिर ध्यान देने की कोशिश करें हैमर कैंडल की बॉडी छोटी होती है और इसकी नीचे की विक यानी डंडी लंबी होती है यह डंडी जितनी लंबी होती हे इसका रिवर्सल सिग्नल उतना ही ज्यादा मजबूत माना जाता है। 

इस कैंडल का रंग हरा या लाल कोई भी रंग का हो सकता है लेकिन इस कैंडल में रंग का होना ज्यादा महत्व नहीं होता है।  चलिए एक छोटे से उदाहरण  से समझने की कोशिश करते हैं। 

1  उदाहरण:

जब मार्केट डाउनट्रेंड में होता है तो उस स्थिति में विक्रेता अपना मार्केट से अपना कंट्रोल खो चुके होते हैं और अपनी पोजीशन से बाहर निकल रहे होते हैं। लेकिन उसी समय नए खरीददार आते हैं और कीमत को ऊपर लेकर जाते हैं। 

2 उदाहरण: 

एक बेयरिश ट्रेंड के चार्ट में दो बड़ी सी कैंडल बनती है जिसकी वजह से मार्केट में तेजी से गिरावट आती है और कीमत काफी नीचे चली जाती है। इन दो बड़े कैंडल्स के बाद मार्केट में नए sellers नहीं आते हैं और प्राइस छोटे छोटे लाल कैंडल बनाते हुए नीचे जाते हैं। 

जिससे यह साबित होता है की सेलिंग प्रेसर कम हो रहा है। लेकिन इसी दौरान नए खरीददार मार्केट में एंट्री लेते हैं और कीमत को ऊपर ले जाने की कोशिश करते है। जिसकी वजह से चार्ट पर एक हैमर कैंडल का निर्माण होता है। 

Conclution 

तो अब आप समझ ही गए होंगे कि हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है के बारे में। आशा करता हूं कि आपको आज के लेख “हैमर कैंडल क्या है और कैसे बनता है” से कुछ सीखने को मिला होगा। ऐसे ही इंट्रेस्टिंग जानकारी सबसे पहले पाने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो कीजिए।